तुम ना समझोगे

वो ख्वाबो मे आकर यूँ नजरो को चुराना,
उन सपनो को तुम ना समझोगे।
मिले तो हजारो पर तेरे जैसा न मिला,
तुम्हारी कमी है ,पर तुम ना समझोगे॥

ऐसे ही किसी का दिल न दुखाना,
टूटे दिल का तजुर्बा ,तुम ना समझोगे।
विश्वास तो मैने कभी नही तोडा ,
पर करना ,तुम ना समझोगे॥

चाहता था कुछ रंगीन मस्तियाँ,
रंगहीन हो तुम, पर तुम ना समझोगे।
तुम्हे पाने की शिद्दत भी बहुत थी,
और कोशिश खैर! तुम ना समझोगे॥

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